Biography

मुझे दिया गया नाम प्रचेत है | ये नाम मेरे शारीर को बनाने वाले श्री विनय कुमार सक्सेना और निरंजना सक्सेना ने दिया | मैने १७ अगस्त १९८० को जो किया उसको मेरा जन्म कहा गया | तब से लेकर आज तक मै इस संसार की लीलाओ से अचंभित हु तथा उनका आनंद ले रहा हू|

ये शुरुवाती पंक्ति इस बात की सूचक है , कि ये किताब लिखने का अंदाज़ कुछ अलग है, जो “ मै ” शब्द के ऊपर निधारित है | 

1980: 

मैने जन्म लखनऊ नामक शहर में लिया |  मैने १७ अगस्त १९८०  को हमारे यहाँ ख़ुशी का महोला था | मेरी माँ के कहे अनुसार, मुझे  छठे दिन अस्पताल से घर लाया गया | मेरा पुश्तानी घर, येश्बाग लखनऊ है | यही पर दस्तोना तथा नाम-करण की पूजा हुई |

मुझे दिया गया नाम प्रचेत है | ये नाम मेरे शारीर को बनाने वाले श्री विनय कुमार सक्सेना और निरंजना सक्सेना ने दिया | मैने १७ अगस्त १९८० को जो किया उसको मेरा जन्म कहा गया | तब से लेकर आज तक मै इस संसार की लीलाओ से अचंभित हु तथा उनका आनंद ले रहा हू|

ये शुरुवाती पंक्ति इस बात की सूचक है , कि ये किताब लिखने का अंदाज़ कुछ अलग है, जो “ मै ” शब्द के ऊपर निधारित है | 

1980: 

मैने जन्म लखनऊ नामक शहर में लिया |  मैने १७ अगस्त १९८०  को हमारे यहाँ ख़ुशी का महोला था | मेरी माँ के कहे अनुसार, मुझे  छठे दिन अस्पताल से घर लाया गया | मेरा पुश्तानी घर, येश्बाग लखनऊ है | यही पर दस्तोना तथा नाम-करण की पूजा हुई |